
Assam असम: धेमाजी जिले में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है, जहां जलभराव और कटाव ने जनजीवन को प्रभावित किया है। राज्य सरकार ने प्रभावित लोगों को राहत देने और उनके दीर्घकालिक पुनर्वास के लिए सभी आवश्यक संसाधन जुटाने का दावा किया है। वहीं, बाढ़ और कटाव का असर रेलवे सेवाओं पर भी पड़ा है, जिससे क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बाधित हो गई है।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को कहा कि उनकी सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने बताया कि धेमाजी में बाढ़ आने के बाद से वे लगातार हालात की निगरानी कर रहे हैं और प्रभावित लोगों की मदद के लिए प्रशासनिक स्तर पर तेजी से कदम उठाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा कि सरकार इस कठिन समय में बाढ़ प्रभावित लोगों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। उन्होंने यह भी कहा कि बाढ़ से लोगों के जीवन पर पड़े प्रभाव को लेकर सरकार गंभीर है और राहत कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।
Since the flood situation has unfolded in Dhemaji, I've been closely monitoring the situation.
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) June 28, 2026
We are deeply saddened by the impact it has had on the lives of our people and in this difficult time, we firmly stand with them.
We are deploying a whole of government approach and… pic.twitter.com/4XJGzy0PFI
सरकार की ओर से राहत और पुनर्वास कार्यों को तेज करने के लिए सभी विभागों को सक्रिय किया गया है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर, खाद्य सामग्री और आवश्यक सहायता पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि प्राथमिक उद्देश्य लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उन्हें तत्काल राहत उपलब्ध कराना है।
इसी बीच, नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे (NFR) ने जानकारी दी है कि भारी कटाव के कारण एक रेलवे पुल क्षतिग्रस्त हो गया है, जिसके चलते अर्चिपाथर और सिमेन चपारी स्टेशनों के बीच सभी ट्रेनों की आवाजाही अनिश्चितकाल के लिए रोक दी गई है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, कटाव इतना तेज था कि पुल की संरचना को नुकसान पहुंचा, जिसके बाद सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रेनों का संचालन तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया। इंजीनियरिंग टीमों को मौके पर भेजा गया है ताकि नुकसान का आकलन किया जा सके और मरम्मत कार्य शुरू किया जा सके।
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेनों की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर लें, क्योंकि इस मार्ग पर सेवाएं प्रभावित हैं। वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर भी विचार किया जा रहा है ताकि यात्रियों को कम से कम असुविधा हो।
धेमाजी जिले में बाढ़ और कटाव की स्थिति के कारण कई गांवों में पानी भर गया है और स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। सड़क संपर्क भी कई जगहों पर बाधित हुआ है, जिससे राहत कार्यों में चुनौतियां बढ़ गई हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त राहत बलों को तैनात किया जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन सहायता को भी सक्रिय किया गया है ताकि प्रभावित लोगों को तुरंत मदद मिल सके।
मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि राज्य सरकार पूरी तरह से स्थिति को नियंत्रित करने और प्रभावित लोगों को राहत देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पुनर्वास कार्यों को भी प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा ताकि लोगों को जल्द से जल्द सामान्य जीवन में लौटने में मदद मिल सके।
फिलहाल धेमाजी और आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ और कटाव की स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है। प्रशासन और रेलवे दोनों स्तरों पर राहत और मरम्मत कार्य तेजी से जारी हैं, जबकि लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।





